Shaadi Mein Zaroor Aana movie review- प्यार, धोखा और बदला !

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प्यार, धोखा और बदला – ‘शादी में ज़रूर आना’ फिल्म समीक्षा

Shaadi Mein Zaroor Aana movie : क्या आप रोमांच, ड्रामा और सामाजिक मुद्दों का मिश्रण पसंद करते हैं? अगर हां, तो “शादी में ज़रूर आना” आपके लिए फिल्म हो सकती है! साल 2017 में रिलीज़ हुई इस फिल्म में राजकुमार राव और कृति खरबंदा मुख्य भूमिकाओं में हैं। आइए देखें ये फिल्म कैसी है.

कहानी का सार:

फिल्म की कहानी सत्तू (राजकुमार राव) और आर्ती (कृति खरबंदा) के इर्द-गिर्द घूमती है। सत्तू और आर्ती बचपन के प्यार हैं, लेकिन दहेज प्रथा के चलते उनकी शादी टूट जाती है। सालों बाद दोनों की मुलाकात होती है, मगर अब सत्तू बदला लेने पर तुला होता है।

अभिनय और निर्देशन:

राजकुमार राव हमेशा की तरह शानदार अभिनय करते हैं। उन्होंने सत्तू के गुस्से, दर्द और बदला लेने की जुनून को बखूबी पर्दे पर उतारा है। वहीं कृति खरबंदा भी मजबूत और स्वतंत्र आर्ती के किरदार में जमती हैं। निर्देशन (रत्ना सिन्हा) कुछ कमजोर है, कहानी कुछ हिस्सों में खींची हुई लगती है।

फिल्म की खासियत:

फिल्म की खासियत है सामाजिक मुद्दों को उठाना। दहेज प्रथा और भ्रष्टाचार को कहानी में बखूबी शामिल किया गया है। फिल्म यह सोचने पर मजबूर करती है कि प्यार के रास्ते में आने वाली सामाजिक बुराइयां कितनी घातक हो सकती हैं।

कमजोरियाँ:

कहानी कुछ भ predictable यानी अनुमानित लग सकती है। फिल्म में थोड़ा ज्यादा मेलोड्रामा भी है, जो दर्शकों को खटक सकता है।

क्या देखें या ना देखें?

अगर आप राजकुमार राव के अभिनय के प्रशंसक हैं या सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में पसंद करते हैं, तो “शादी में ज़रूर आना” देख सकते हैं। हालांकि, अगर आप एक नई और दमदार कहानी की तलाश में हैं, तो ये फिल्म आपको थोड़ी निराश कर सकती है।

निष्कर्ष:

कुल मिलाकर, “शादी में ज़रूर आना” एक एंटरटेनिंग फिल्म है, जिसमें प्यार, धोखा और बदला का ताना-बाना बुना गया है। फिल्म में बेहतरीन अभिनय और सामाजिक संदेश है, लेकिन कहानी में कमजोरियाँ भी हैं।

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